फुर्सतनामा


आखिर लड़कियों को ऐसा क्यों बनाया…(रिपोर्टर की डायरी-3)
मार्च 18, 2009, 6:55 अपराह्न
Filed under: Uncategorized

girl2हां, और वो बाकी ही रहेगा,,, क्योंकि तुम मेरे लिए कोई मॉडल नहीं हो जिसको मैं केनवास पर उतार दूं। तुम मेरी भावना हो,, समझी। छोड़ो ये बताओ अभी क्यों बुलाया। अरे वो मन कुछ ठीक नहीं था। कल रात को एक पार्टी की कवरेज में गई थी। वहां निशा ने जबरदस्ती ज्यादा पिला दी। सिर भारी हो रहा था ऊपर से वो अनिरूद्ध हर समय गज भर की लार टपकाता पीछे घूमता रहता है। मुझे उस पर बहुत गुस्सा आता है। सोचती हूं किसी दिन उसकी शिकायत कर दूं। लेकिन उससे क्या होगा। यहां तो साले सब एक जैसे हैं। यहां ही क्यों सभी जगह सारे ही साले एक जैसे ही होते हैं किसी भी लड़की के टैम्परेरी खसम बनने के लिए तैयार। सच कहूं तो इसमें उनका दोष नहीं है। ये साला सब कसूर भगवान का ही है उसने ही ऐसा बनाया है। लड़कियों को बदन ही ऐसा दिया है कि हर कोई उसे गुलाबजामुन की तरह चट कर जाना चाहता है। पर उसने ऐसा क्यों बनाया है ? क्या लड़कियों को इसी लिए बनाया गया है कि वह पुरूष की आवश्यकता की पूर्ति करे, उसकी दिलजोई करे,उसे तरह-तरह से खुश करे। और बाकि बचे समय में भी उसके लिए ही काम करे। उसके कपड़े धोए, खाना बनाए, घर संभाले, बच्चे पैदा करे, और उन्हें बड़ा करे फिर मर जाए। हो गई जिन्दगी। मर्दों की इस चटोरी नजर से बचने के लिए ही तो पहले जमाने की लड़कियों ने अपने आपको बेतुके ढीलेढाले लिबासों में ढंक लिया था। वह जानती थी उसके शारीरिक भालों की नोंक पुरूषों की आंखों में चुभ कर उसी पर कहर बन टूटेंगी। इसलिए अपने प्रकृति की आंख में धूल झोंकने के लिए खुद को ही पर्दानशीं कर लिया।

… पर अब तो ऐसा नहीं है। आज तो लड़कियां हर जगह लीड कर रही हैं। चाहे पॉलिटिक्स हो या कॉरपोरेट सैक्टर कहीं भी देख लो वो सब जगह आगे है। ..

           लीड माई फुट। जिसे तुम लीड कह रहे हो वो केवल दिखावा है। हकीकत मैं यह केवल एक तिलस्म है जो जब टूटता है लड़की को ही पराजित करता है। जो कहीं न कहीं लीड कर रही है वो कहीं जबरदस्त हार का अनुभव भी करती है। कोई एक ऐसा मोर्चा जरूर होता है जहां उसको मन मसोस कर जीना ही पड़ता है। समझौता करना पड़ता है। अपने स्वाभिमान को मिथ्या अभिमान की बलि चढ़ानी ही पड़ती है।

. …. लेकिन तुम तो अपनी शर्तों पर ही जी रही हो न…

              विक्रम तुम नहीं जानते ये अपनी शर्तों वाली सेल्फमेड इमेज के लिए मैंने क्या चुकाया है । छोड़ो फिर कभी बताऊंगी। अभी यह सब रहने दो तुम अपनी बताओ क्या चल रहा है… ।


टिप्पणी करे so far
टिप्पणी करे



एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s



%d bloggers like this: